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कविता

स्वतंत्रता पर्व 2023 

पंद्रह अगस्त स्वतंत्रता पर्व है हमारा,
आजादी का छिहत्तरवां वर्ष है न्यारा।
अठारह सौ सत्तावन था वीरों का आवाहन,
जन जन जागा करने संघर्षों में अवगाहन,
धिक्कारा मंगल पांडे ने टोपे ने बिगुल बजाया,
आजादी वंदन करने को अनुपम थाल सजाया,
भगतसिंह सुखदेव राजगुरु के बलिदानों की यह देन,
पंद्रह अगस्त स्वतंत्रता पर्व है हमारा,
आजादी का छिहत्तरवां वर्ष है न्यारा।
गुरुदेव गोखले गांधी नेहरू शेखर और सुभाष,
बंकिम ईश्वर शरत मैथिली श्यामा और अशफाक,
शांति क्रांति के उदघोषक बन आजीवन ध्वज फहराए,
मातृभूमि के आकुल आंचल में सुरभित रज महकाए,
करते नमन धीर वीरों को मां का रक्खें उन्नत भाल,
पंद्रह अगस्त स्वतंत्रता पर्व है हमारा,
आजादी का छिहत्तरवां वर्ष है न्यारा।

 

 

स्वतंत्रता पर्व
खुशियां देने गौरवगाथा याद कराने,
आया पावन स्वतंत्रता पर्व यह निराला,
परिणति यह अमर शहीदों का संकल्प,
परिणति यह करो या मरो का विकल्प,
परिणति यह जन गण का सहयोग,
परिणति यह विदेशी अधीनता का विरोध,
उन्नति लाने स्वदेशी का सम्मान बढ़ाने,
आया पावन स्वतंत्रता पर्व यह निराला।
दिखेंगे स्वाधीन हम सब एक देश के अनेक,
बनेंगे प्रिय सभी के सबल कर्मठ दृढ़ विवेक,
करेंगे प्रेम दया सत्य निष्ठा का प्रबल प्रवाह,
भरेंगे स्वावलंबन संरक्षा उत्साह अबाध,
जन जन जगाने सर्वनिजता को सजाने,
आया पावन स्वतंत्रता पर्व यह निराला।

।। जय हिंद जय भारत ।।

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